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abhigyan shakuntalam me kitne shlok hai

  अभिञ्जान शकुन्तलम् मे  194 श्लोक है- प्रथमाङ्कमे- 31. द्वि. -18. तृ. -25 4र्थ.-22 पञ्च.-31 षट्-32 सप्त-35 =194 ओर इसमें 7 अङ्क है।

Who wrote abhijgana sakuuntalam

महाकवि कालिदास।  The great writer "kalidas" composed the abhigyan shakuntalam.  The first verse of abhigyan shakuntalam drama - या सृष्टिः स्रष्टुराद्या ,वहति विधिहुतं या हविर्या च होत्री,  ये द्वे कालं विधत्तः, श्रुतिविषयगुणा या स्थिता व्याप्य विश्वम्।  यामाहुः सर्वबीजप्रकृतिरिति, यया प्राणिनः प्राणवन्तः,  प्रत्यक्षाभिः प्रपन्नस्तनुभिरवतु वस्ताभिरष्टाभिरीशः।। (1) This verse is praised by mahadev.